आर्य समाज गोरखपुर में सम्पन्न होने वाला विवाह पूरी तरह से वैदिक विधि विधान द्वारा सम्पन्न होता है जिसमे जयमाल , फेरे , सप्तपदी , शिलारोहण, लाजा होम, सिन्दूर दान, ध्रुव दर्शन, उत्तर विधि आदि सभी रीति रिवाजों का पूरी तरह से पालन होता है | विवाह के उपरांत वर वधू को पुरोहित जी एवं अन्य उपस्थित सज्जनों द्वारा आशीर्वाद दिया जाता है | प्रसाद आदि के वितरण के बाद "द आर्यन मेरिज वैलडैशन ऐक्ट १९ ऑफ १९३७ "के अंतर्गत विवाह प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है |विवाह के उपरांत विवाह प्रमाण पत्र 3 से 7 दिन के अंदर आर्य समाज मंदिर, बक्शीपुर, गोरखपुर से वर व कन्या दोनों मे से कोई एक या उनके द्वारा अधिकृत कोई व्यक्ति आ कर अवश्य प्राप्त कर ले. यह विवाह प्रमाण पत्र आर्य समाज गोरखपुर के लिए, आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ. पंजीकृत द्वारा जारी किया जाता है, जिसका कार्यालय 5 मीरा बाई मार्ग लखनऊ पर स्थित है| यह आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश लखनऊ, एक्ट नं0 21 सन 1860 सोसाइटीज रजिस्ट्रेशन एक्ट मे पंजीकृत संस्था है, आर्य समाज गोरखपुर, बक्शीपुर इससे सम्बद्ध संस्था है, उक्त आर्य प्रतिनिधि सभा लखनऊ से सम्बद्ध आर्य समाजों द्वारा संपन्न करवाये गए विवाह एवं जारी प्रमाणपत्र ही मान्य एवं वैध हैं| विवाह प्रमाणपत्र प्राप्त हो जाने के बाद उसका रजिस्ट्रैशन,रजिस्ट्रार मैरेजेज के कार्यालय में करवाया जा सकता है|