विवाह प्रक्रिया

आर्य समाज गोरखपुर में सम्पन्न होने वाला विवाह पूरी तरह से वैदिक विधि विधान द्वारा सम्पन्न होता है जिसमे जयमाल , फेरे , सप्तपदी ,  शिलारोहण , लाजा होम, सिन्दूर दान, ध्रुव दर्शन , उत्तर विधि आदि सभी रीति रिवाजों का पूरी तरह से पालन होता है | विवाह के उपरांत वर वधू को पुरोहित जी एवं अन्य उपस्थित सज्जनों द्वारा आशीर्वाद दिया जाता है | प्रसाद आदि के वितरण के बाद "द आर्यन मेरिज वैलडैशन ऐक्ट १९ ऑफ १९३७ "के अंतर्गत विवाह प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है | विवाह प्रमाणपत्र प्राप्त हो जाने के बाद उसका रजिस्ट्रैशन,रजिस्ट्रार मैरेजेज के कार्यालय में करवाया जा सकता है.|